Uttarakhand – सहकारिता की रीढ़ है बहुउद्देशीय सहकारी समिति : डॉ धन सिंह रावत
कहा – अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष में हर ग्राम में स्तर पर हो सहकारिता गोष्ठी
देहरादून। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि
बहुउद्देशीय सहकारी समितियां सहकारिता की रीढ़ हैं।
डॉ रावत ने कहा कि महिलाओं को सहकारिता से जुड़ने के लिए अधिक से अधिक प्रेरित किया जाए। उत्तराखंड पहला राज्य है ,जहां सहकारिता के क्षेत्र में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया गया है
सहकारिता मंत्री डॉ. रावत ने मियांवाला में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।
प्रदेश भर से हजारों की संख्या में पहुंचे पैक्स कैडर सचिवों को संबोधित करते हुए डॉ रावत ने कहा कि प्रदेश भर में बहुउद्देशीय सहकारी समितियों को अधिक से अधिक ग्राम पंचायत स्तर पर खोलने की कवायद तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह का लक्ष्य है कि बहुउद्देशीय सहकारी समितियां के माध्यम से ग्रामीण और कृषक उन्नतशील बनें ।
डॉ रावत ने सभी सचिवों को संबोधित करते हुए कहा कि
अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 सभी सहकारी समितियों में उत्साहपूर्वक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। यह वर्ष सहकारिता के मूल्यों को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण विकास, किसानों के सशक्तिकरण और आर्थिक समृद्धि की दिशा में हमारी साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा। हम सब मिलकर सहकारिता के इस महान उद्देश्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ और समाज के हर वर्ग की प्रगति में योगदान दें डॉ रावत ने कहा कि बहुउद्देशीय सहकारी समितियां के माध्यम से 22 प्रकार के विभिन्न कार्य समितियों में किया जा रहे हैं, जिसमें गैस एजेंसी ,पेट्रोल पंप, रेल व हवाई टिकट इत्यादि शामिल है
डॉ रावत ने कहा महिलाओं को सहकारिता से जुड़ने के लिए अधिक से अधिक प्रेरित किया जाए। उत्तराखंड पहला राज्य है ,जहां सहकारिता के क्षेत्र में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया गया है। आप सभी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को ग्रामीण स्तर पर जन-जन तक पहुंचाएं ।
इसके साथ ही डॉ रावत ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व एलयूसीसीके माध्यम से सहकारिता की छवि को धूमिल कर रहे हैं। आप सभी को ऐसे असामाजिक तत्वों को माकूल जवाब देना है ।इस अवसर पर संयुक्त निबंधक नीरज बलवाल एमपी त्रिपाठी, महेश थपलियाल प्रकाश जोशी सहित 2000 से भी अधिक सहकारी समितियों के सचिव और कर्मचारी उपस्थित रहे।

