कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा – ‘न्याय यात्रा’ के नाम पर राजनीतिक ढोंग, जनता से जुड़ाव और ठोस मुद्दों का अभाव
महिला सुरक्षा और न्याय पर बयानबाजी करने से पहले अपनी असफलताओं का हिसाब दें कुमारी सैलजा
देहरादून। उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कांग्रेस की ‘उत्तराखंड न्याय यात्रा’ और प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यात्रा अब तक जिन-जिन क्षेत्रों से गुज़री है, वहाँ न तो जनता का कोई जुड़ाव दिखा और न ही कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नज़र आया। रेखा आर्य ने कहा कि यात्रा के नाम पर जगह-जगह केवल औपचारिकता निभाई गई, जबकि आम लोगों की समस्याओं, उनकी अपेक्षाओं और विकास से जुड़े सवालों पर कांग्रेस नेताओं के पास न कोई स्पष्ट सोच दिखी, न कोई जवाब।
उन्होंने कहा कि कुमाऊँ में रुद्रपुर-काशीपुर से लेकर गढ़वाल के चौबट्टाखाल, यमकेश्वर, कोटद्वार और लैंसडौन तक, जहाँ भी कांग्रेस ने यात्रा के नाम पर कदम रखा, वहाँ जनता ने सवाल पूछा कि जिन्होंने अपने शासन और संगठन में कभी न्याय नहीं किया, वे आज किस मुँह से न्याय की बात कर रहे हैं।
रेखा आर्य ने कहा कि हर पड़ाव पर सिर्फ़ राजनीतिक ढोंग और अपनी खोई हुई ज़मीन तलाशने की बेचैनी ही नज़र आई। कांग्रेस जिस ‘न्याय’ की बात कर रही है, उसका जनता के वास्तविक मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है। यह यात्रा जनसेवा के संकल्प से नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर की खींचतान, घटते जनाधार और आगामी चुनावों की चिंता से प्रेरित है।
उत्तराखंड की जागरूक जनता कांग्रेस की इस राजनीतिक नौटंकी को भली-भाँति समझ चुकी है और ऐसे दिखावटी कार्यक्रमों से प्रभावित होने वाली नहीं है।अंत में रेखा आर्य ने सैलजा को नसीहत देते हुए कहा कि उत्तराखंड में ‘न्याय यात्रा’ का पाखंड करने के बजाय वे कांग्रेस शासित राज्यों में महिलाओं के विरुद्ध हो रहे जघन्य अपराधों और अपनी स्वयं की असफलताओं पर जवाब दें।
अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए रेखा आर्य ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पहले दिन से ही बिना किसी दबाव के कठोरतम कार्रवाई की है। मुख्य आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, त्वरित एसआईटी जाँच गठित की गई और न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति धामी सरकार पूरी तरह समर्पित है।


