बड़ी कामयाबी – दिल्ली के ‘सिद्धू गैंग’ के 6 पैडलर गिरफ्तार , राजपुर पुलिस ने की 4.5 लाख की एमडीएमए बरामद
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की “ड्रग्स फ्री देवभूमि” की परिकल्पना को साकार करने में जुटी दून पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की है। थाना राजपुर और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने दिल्ली के कुख्यात ‘सिद्धू गैंग’ के 6 हाईप्रोफाइल पैडलर्स को गिरफ्तार किया है। आरोपी देहरादून और अन्य प्रांतों के विभिन्न संस्थानों से तकनीकी शिक्षा ले रहे हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 44.61 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स, एक इग्निस कार और 12 पॉलिथीन पैकेट बरामद किए हैं, जिसकी कुल अनुमानित कीमत साढ़े चार लाख रुपये है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेंद्र डोभाल के निर्देश पर चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के तहत पुलिस ने 22 सितंबर की रात दो अलग-अलग जगहों पर दबिश दी। पहली कार्रवाई में शहंशाई रिजॉर्ट, ओल्ड मसूरी रोड के पास से मुखबिर की सूचना पर एक कार में सवार चार युवकों को 27.12 ग्राम अवैध ड्रग्स के साथ दबोचा गया। पकड़े गए इन आरोपियों की पहचान वेदांत चौहान (पुत्र भानु प्रताप, निवासी- देवलोक कॉलोनी, नालापानी रोड, रायपुर, उम्र 21 वर्ष), रचित शर्मा (पुत्र संजय शर्मा, निवासी- लाडपुर, रायपुर, उम्र 21 वर्ष), श्रीकांत (पुत्र राजीव, निवासी- आर०के० पुरम लोअर अधोईवाला, उम्र 22 वर्ष) और चिराग रस्तोगी (पुत्र प्रदीप रस्तोगी, निवासी- तपोवन रोड नालापानी, रायपुर, उम्र 24 वर्ष) के रूप में हुई है।
वहीं, दूसरी कार्रवाई में सहस्त्रधारा हेलीपैड के पास से 02 अन्य तस्करों को 17.49 ग्राम अवैध एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया गया। इनमें अभिषेक थापा (पुत्र सुशील थापा, निवासी- म०नं०- 302 लाडपुर, रायपुर, उम्र 21 वर्ष) और वैभव ममगांई (पुत्र रविकांत, निवासी- आम वाला, रायपुर, उम्र 21 वर्ष) शामिल हैं। गिरफ्तार सभी 6 अभियुक्तों के खिलाफ थाना राजपुर में धारा 8/21/29/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत अलग-अलग अभियोग पंजीकृत किए गए।
महंगे शौक पूरे करने के लिए पैडलर बने छात्र
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि ये सभी शातिर तस्कर अच्छे परिवारों से ताल्लुक रखते हैं और दून व अन्य प्रांतों के विभिन्न संस्थानों से तकनीकी कोर्स कर रहे हैं। अपने महंगे शौक और ऐशो-आराम की जिद को पूरा करने के लिए ये छात्र नशे के दलदल में उतरे थे।
ये सभी दिल्ली के सिद्धार्थ उर्फ ‘सिद्धू’ नाम के सरगना के लिए काम करते थे और सिद्धू गैंग के पैडलर हैं। सिद्धू या उसके एजेंट समय-समय पर देहरादून आकर इन्हें MDMA ड्रग्स सप्लाई करते थे, या कभी-कभार सिद्धू के कहने पर ये खुद पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जाकर उक्त ड्रग्स व अन्य मादक पदार्थ लेकर देहरादून आते थे। इस हाईप्रोफाइल ड्रग्स को विशेष तौर पर कॉलेज के छात्रों को ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।

