अंकिता भडारी प्रकरण पर कांग्रेस कर रही राजनीति, सीबीआई तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कर रही जांच : विनोद चमोली
सीबीआई जांच पर सवाल उठाना कांग्रेस की हताशा ,
सीबीआई जांच पर कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद, स्वतंत्र एजेंसी कर रही नियमानुसार जांच
देहरादून।भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं विधायक धर्मपुर विनोद चमोली ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस इस संवेदनशील प्रकरण को बार-बार राजनीतिक मुद्दा बनाकर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के बजाय कांग्रेस अब सीबीआई जांच को लेकर नए सवाल खड़े कर रही है और जांच की रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक करने की मांग कर रही है। यह मांग स्वयं कांग्रेस की राजनीतिक मंशा को उजागर करती है, क्योंकि किसी भी गंभीर आपराधिक मामले की जांच एक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत होती है और जांच पूरी होने से पहले रिपोर्ट या महत्वपूर्ण तथ्यों को सार्वजनिक करना जांच को प्रभावित कर सकता है।
चमोली ने कहा कि सीबीआई एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है और अपनी जिम्मेदारी के अनुसार मामले की जांच कर रही है। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि जांच एजेंसी राजनीतिक दलों के दबाव में नहीं, बल्कि उपलब्ध तथ्यों, साक्ष्यों और कानून के आधार पर जांच करती है। जांच पूरी होने से पहले रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग करना न तो न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप है और न ही पीड़ित परिवार के हित में। यदि कांग्रेस के पास कोई तथ्य या साक्ष्य हैं तो उसे सीबीआई के समक्ष रखना चाहिए, न कि मीडिया और राजनीतिक मंचों के माध्यम से जांच को प्रभावित करने का प्रयास करना चाहिए। जांच पूरी होने के बाद जो भी निष्कर्ष सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मामले में ओछी और संवेदनहीन राजनीति से बाज आना चाहिए। अंकिता भंडारी जैसे गंभीर और भावनात्मक मामले को राजनीतिक लाभ के लिए बार-बार उछालना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि पीड़ित परिवार की भावनाओं के साथ भी अन्याय है। कांग्रेस यदि वास्तव में अंकिता को न्याय दिलाने के प्रति गंभीर है तो उसे स्वतंत्र जांच एजेंसी पर भरोसा रखना चाहिए और जांच पूरी होने देना चाहिए, न कि अधूरी जानकारी के आधार पर जनता के बीच भ्रम पैदा करना चाहिए।
कांग्रेस को अब इस संवेदनशील मामले पर घटिया राजनीति बंद कर सीबीआई की स्वतंत्र जांच पर भरोसा करना चाहिए। जांच पूरी होने दें, तथ्य सामने आने दें और कानून को अपना काम करने दें, यही अंकिता और उनके परिवार के प्रति सच्ची संवेदनशीलता होगी।

