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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा – वन्देमातरम विरोधी सोच में ही  पनप सकता है दिमागी नक्सल

जमीन से सफा नक्सल, विपक्षी दिमागों में जड़ जमा चुका 
देहरादून । भाजपा ने कांग्रेस आलाकमान पर वंदे मातरम् के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा, राष्ट्रभावना विरोधी सोच में ही दिमागी नक्सल पनप सकता है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कटाक्ष किया कि लगता है, पीएम मोदी के नेतृत्व में गृह मंत्री शाह द्वारा जमीन से जिस नक्सल का जड़ से सफाया किया गया वो विपक्ष के दिमागों में जड़ जमा चुका है।
मीडिया में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश, आजादी के बाद पहली बार राष्ट्रगीत वंदेमातरम का सम्पूर्ण गायन कर गौरवान्वित महसूस कर रहा है। लेकिन लगता है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व को जनता की यह खुशी भी हजम नहीं हो रही है। अन्यथा स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर वे राष्ट्रगीत का इस तरह अपमान नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपनी तुष्टिकरण की राजनीति के लिए हमेशा आजादी के प्रेरणादायक गीत वन्देमातरम को सम्मान नहीं दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पहले संसद के माध्यम से वन्देमातरम का पूर्ण गायन सुनिश्चित कराया और अब वर्तमान मानसून सत्र में उसके ससम्मान गायन के लिए नियम बनाए। दरअसल यही है असल वजह सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेतृत्व की वादेमातरम गीत के अपमान की। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम के साथ देश के सामने एक बार फिर कांग्रेस पार्टी की राष्ट्र विरोधी और तुष्टिकरण की नीति जगजाहिर हुई है।
इसी तरह उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ पर पीएम की चिंता पर हो रही कांग्रेसी टिप्पणियों को राष्ट्र विरोधी सोच की उपज बताया। उन्होंने आईना दिखाते हुए कहा कि जो सरकार में रहते नक्सलवाद को आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते थे, जिनके राज में 180 जिलों में नक्सल का आतंक था, जिनके राहत 5000 लोग एवं 1000 से अधिक अर्धसैनिक बलों के जवान शहीद हुए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं करते थे। अब उनका पीएम श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह द्वारा देश को नक्सलमुक्त करने पर नाराज होना स्वाभाविक था।
उन्होंने तंज कसा कि लगता है, धरातल से मिटाया हुआ नक्सलबाद अब विपक्षी नेताओं के दिमागों में जड़ जमाने लगा है। शायद तभी पीएम की लालकिले से दी गई चुनौती के एक दिन में ही दिमागी नक्सलवादी सामने आने लगे। लेकिन अधिक दुर्भाग्यपूर्ण है पूर्व गृहमंत्री, जिनके कालखंड में एकसाथ 76 जवानों की नृशंस हत्या कर दी गई थी, उनका नक्सलवादी सोच के समर्थन में इस तरह सामने आना।

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