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कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे के आरोप सफेद झूठ, समाज एवं देवभूमि को बांटने की कोशिश : रेखा आर्य

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संसद में झूठ बोलकर, देवभूमि की छवि खराब करने का प्रयास किया
देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के आरोपों को सफेद झूठ बताते हुए, देवभूमि को बांटने वाली राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा, हल्द्वानी घटनाक्रम को लेकर उन्होंने लोकतंत्र के मंदिर संसद में देवभूमि की छवि खराब करने का प्रयास किया है। जबकि वे भी सच जानते हैं कि अपनी फ्लॉप रैली, कांग्रेस नेताओं की अराजकता और धर्म विशेष के नारों से हो रही फजीहत से ध्यान भटकाने के लिए यब सब प्रपंच रचा जा रहा है।
मीडिया को दी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा, रैली के दो दिन तथाकथित धार्मिक कार्यक्रम जिस संस्था द्वारा किया गया, उससे भाजपा या सरकार किसी का कोई लेना देना नहीं है। उसमें भी संबंधित संस्था द्वारा अपने कार्यक्रम का प्रयोजन मीडिया के सामने उसी समय स्पष्ट कर दिया गया था। उस कार्यक्रम में कई सहभागी व्यक्ति स्वयं अनुसूचित एवं पिछड़ा वर्ग से संबंधित थे। बावजूद कांग्रेस के प्रदेश नेता अपने आलाकमान की शह पर बांटने, वो भी सिर्फ सनातन को ही बांटने की नीति पर आगे बढ़ते हुए, इस प्रकरण में झूठ, अफवाह और भ्रम फैला रहे हैं। दरअसल संख्या की दृष्टि से उनकी रैली फ्लॉप हुई। इसी असफलता को आलाकमान के सामने ढकने के लिए प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने प्रशासनिक कार्यालयों में जाकर अराजकता एवं अभद्रता की। लेकिन इसमें में जनता के मध्य हो रही बड़ी जबरदस्त फजीहत से बचने के लिए ही अब जातिवादी राजनीति का दांव खेला जा रहा है। वहीं उन्होंने ये आशंका भी जताते हुए कहा, लगता है, खड़गे जी को भी उनके नेताओं ने गलत जानकारी दी होगी। यदि ऐसा नहीं तो और भी दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वयं खड़गे जी घटना को लेकर झूठ बोल रहे है।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष द्वारा संसद के पटल पर वस्तुस्थिति के उलट इस मुद्दे को उठाया गया, ये बेहद चिंताजनक एवं समाजहित में नहीं है। उन्होंने गंभीर सवाल उठते हुए कहा कि राजनीति लाभ की दृष्टि से उनका ये झूठ, क्या प्रदेश के माहौल को खराब करने और उसकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला नहीं है। क्या ये देवभूमि के लोगों के बीच सौहार्द और समावेशी ताने बाने को तोड़ने की कोशिश जैसा नहीं है? क्या कांग्रेस की ये कोशिश सनातन धर्म को बांटने की तो नहीं है? उनके जैसे वरिष्ठ नेता से ये कतई अपेक्षा नहीं की जा सकती थी कि वे जातिवादी राजनीति का विष देवभूमि की पवित्र वातावरण में फैलाने के पाप का हिस्सा बनेंगे।
उन्होंने देवभूमि की महान जनता पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे समाज को बांटने की इस राजनीति को हमेशा की तरह इस बार भी सिरे से नकार देंगे। जिस 2027 चुनाव जीतने की दृष्टि से कांग्रेस ये सब प्रपंच रच रही है, उसका पटाक्षेप मतदाता रिकॉर्ड संख्या में कमल खिलाकर देगी।

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