उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के दूसरे चरण में जारी नोटिसों की सुनवाई शुरु
मतदाताओं के नजदीकी बूथ स्तर पर होगी नोटिस सुनवाई की व्यवस्था,
मतदाता को 14 जुलाई से 13 अगस्त के बीच फार्म 6,7 और 8 पर दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का दिया गया है समय
देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के कम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है।इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने गुरुवार को मीडिया सेंटर में प्रेस कांफ्रेंस कर विस्तृत जानकारी दी। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एसआईआर के प्रथम चरण पूर्ण होने के बाद प्रदेश में 71,33,785 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि सभी मतदाता ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम और अन्य जानकारियों को सही से जांच लें। उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची सीईओ कार्यालय की वेबसाइट www.ceo.uk.gov.in के साथ ही डीईओ / ईआरओ/बीएलओ के स्तर पर भी उपलब्ध कराई गई हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ जोगदंडे ने बताय कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में एईआरओ/ईआरओ द्वारा नोटिस की सुनवाई के लिए बूथ स्तर पर बीएलओ / अन्य अधिकारी उपलब्ध रहेंगे एवं बीएलओ मतदाता के दस्तावेज देखकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। मैदानी क्षेत्र के मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथ लेवल अथवा बूथ से नजदीकी स्थानों पर कैंप लगाने के भी निर्देश डीईओ / ईआरओ को दिए गए हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आयोग द्वारा मतदाता को 14 जुलाई से 13 अगस्त के बीच फार्म 6,7 और 8 पर दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 11 सितंबर तक नोटिस की अवधि एवं दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। यदि कोई मतदाता ईआरओ के निर्णय से संतुष्ट नहीं होता है तो वह दो सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय में अपील अपील दर्ज कर सकता है। जिलाधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट होने की दशा में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में लोक प्रतिधित्व अधिनियम के प्रावधान के तहत अपील दर्ज कर सकता है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि ऐसे नागरिक जिनका नाम मतदाता सूची में अभी तक शामिल नहीं है, वह फार्म 6 भरकर अपने नाम दर्ज करवाने के लिए ऑफलाइन मोड में अपने सम्बंधित बीएलओ से और ऑनलाइन मोड में ईसीआईनेट ऐप के जरिए आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही फार्म 7 आरै 8 के जरिए नाम हटवाने और नाम में सुधार किया जा सकता है। वर्तमान में फार्म 6 और 8 के साथ एनेक्चर 4 भरना अनिवार्य है।

