उत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य और उपनल कर्मियों के मुद्दे का समाधान ऐतिहासिक उपलब्धि: मनवीर चौहान
विकास, विरासत और जनकल्याण के बाद शिक्षा मे धामी सरकार ने रचा इतिहास
देहरादून । भाजपा ने पूर्ण साक्षर राज्य बनने और उपनल कर्मियों के चेहरों की खुशी को सरकार की एतिहासिक उपलब्धि बताया है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा कि यह इतिहास सृजन की यात्रा में विकास, विरासत, रोज़गार और समान नागरिक संहिता के क्रम में एक और महत्वपूर्ण कड़ी है।
उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने विकास, विरासत और जनकल्याण के बाद शिक्षा के क्षेत्र में भी एक नया इतिहास रच दिया है। नए, दुर्गम और अत्यधिक भौगोलिक विषमताओं वाले इस पहाड़ी राज्य ने ‘पूर्ण साक्षर’ होने का गौरव हासिल किया है। उन्होंने इसे हर एक उत्तराखंडवासी के लिए अत्यंत गौरवमयी और ऐतिहासिक क्षण बताया।
उन्होंने कहा कि भाजपा की ‘अंत्योदय’ और ‘जो कहा, वो किया’ की नीति के अनुरूप मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता से किए अपने हर वादे पर सौ फीसदी अमल करके दिखाया है। इसी कड़ी में धामी सरकार ने उपनल कर्मियों के हित में एक और बड़ा व संवेदनशील निर्णय लिया है। ‘समान कार्य, समान वेतन’ के विषय पर आगे बढ़ते हुए सरकार ने उपनल कर्मियों के लिए कट ऑफ डेट में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने राज्य निर्माण के समय से चली आ रही उन तमाम जटिल समस्याओं को हल करने का काम किया है, जिन्हें पूर्ववर्ती सरकारों ने दशकों तक लटकाए रखा था। नौकरियों में महिला आरक्षण को कानूनी अधिकार देना , राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण का मुद्दा, या दशकों से लंबित पड़ी विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारना धामी सरकार ने हर मोर्चे पर अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। इसी संकल्प के तहत, उपनल कर्मियों को उनके काम के आधार पर उचित अधिकार व वेतन देने का जो मुद्दा लंबे समय से लंबित था, उसे मुख्यमंत्री धामी ने न सिर्फ सुलझाया, बल्कि संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। सरकार ने पहले इस संबंध में नीतिगत घोषणा की और फिर जो कर्मी तकनीकी कारणों से छूट रहे थे, उनकी चिंता करते हुए कट-ऑफ डेट को भी आगे बढ़ाया। सरकार के इस कल्याणकारी कदम से प्रदेश के हज़ारों परिवारों के चेहरों पर सीधे तौर पर खुशी आई है।

