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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर  एनएसयूआई ने किया सचिवालय कूच, हजारों छात्र सड़कों पर उतरे , किया जोरदार प्रदर्शन

युवाओं का भविष्य लगातार खतरे में डाला जा रहाः विनोद जाखर,
पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों छात्रों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया
देहरादून। राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखर के नेतृत्व में व प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी की अगुवाई में देहरादून स्थित कांग्रेस भवन से सोमवार को सचिवालय कूच का किया गया। इस आंदोलन में हजारों छात्र-युवा शामिल हुए और शिक्षा, रोजगार तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर राज्य एवं केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, डॉ. हरक सिंह रावत, वैभव वलिया, विशाल सिंह भोजक व सोरभ यादव सहित अनेक नेताओं ने छात्रों को संबोधित किया।
कांग्रेस भवन से सचिवालय की ओर बढ़ रहे शांतिपूर्ण छात्र-युवा मार्च को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोका लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का प्रयोग किया गया व सैकड़ों छात्रों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। इसके बावजूद छात्र-युवा अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करते रहे।
एनएसयूआइ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य लगातार खतरे में डाला जा रहा है। नीट पेपर लीक, एनटीए की विफलता, एसएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं ने करोड़ों छात्रों का विश्वास तोड़ा है।
इस मौके पर पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व विधायक राजकुमार, लालचंद शर्मा राजेंद्र शाह, गरिमा महरा, अभिनव थापर, प्रदीप सिंह, आयुष सेमवाल, अभय कायतुरा, अजय रावत, अमित जोशी, अजीत चौहान, अरुण टम्टा, हिमांशु, रितेश कुमार, अल्तमश, स्वाति नेगी व विपाशा बिष्ट आदि उपस्थित रहे।
निजी विश्वविद्यालयों पर रोक लगाने की मांग उठाई
आंदोलन के दौरान छात्रों मांगें उठाईं कि नीट पेपर लीक और परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच की जाए।
एनटीए को तत्काल भंग कर नई पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए। उत्तराखंड में निजी विश्वविद्यालयों पर रोक लगाई जाए। शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण को समाप्त किया जाए। सरकारी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए। बढ़ती बेरोजगारी पर प्रभावी कार्रवाई कर युवाओं को रोजगार दिया जाए। उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने के लिए ठोस नीति लागू की जाए।

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