दून पुलिस की ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक और बड़ी सफलता – अजय बटेजा के ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, पश्चिमी यूपी का कुख्यात शार्प शूटर जैकी गिरफ्तार
प्रॉपर्टी के लालच में सौतेले भाई ने ही दी थी अजय बटेजा की सुपारी, प्रेमिका के साथ मिलकर तकिये से घोंटा था दम
देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कुशल नेतृत्व में दून पुलिस को ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजपुर थाना पुलिस ने करीब एक साल पहले जाखन में हुई अजय बटेजा की अंधी हत्या (ब्लाइंड मर्डर) का पर्वाफाश करते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात शार्प शूटर और सुपारी किलर राजन उर्फ जैकी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि मृतक के सौतेले भाई ने ही करोड़ों की प्रॉपर्टी के विवाद में जैकी को भाई की हत्या की सुपारी दी थी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए शूटर ने अपनी प्रेमिका का सहारा लिया था।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त जैकी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जैकी ने बताया कि मृतक अजय बटेजा शराब पीने का आदी था और उसके पास देहरादून व मसूरी में कई कीमती संपत्तियां थीं। अजय के सौतेले भाई अमित बटेजा को मलाल था कि इन संपत्तियों में उसके पिता का पैसा भी लगा है, लेकिन अजय उसे हिस्सा न देकर सारा पैसा अय्याशी में उड़ा रहा है। अमित ने जैकी को रास्ते से हटाने के एवज में जाखन स्थित प्रॉपर्टी का आधा हिस्सा देने और सहारनपुर के एक गोलीकांड से नाम हटवाने का सौदा किया, जिस पर जैकी हत्या के लिए तैयार हो गया।योजना के मुताबिक, 25 मई 2025 को जैकी अपनी प्रेमिका हुमेरा उर्फ जोया, अमित बटेजा और एक अन्य साथी के साथ देहरादून आया। ये सब जाखन स्थित अजय बटेजा के घर पर रुके। रात में अमित अपने साथी को बहाने से बाहर ले गया। घर के अंदर जैकी ने अपनी प्रेमिका जोया की मदद से अजय को अत्यधिक शराब पिलाई। जब अजय पूरी तरह नशे में धुत्त हो गया, तो जैकी ने तकिये से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी।
शातिर जैकी ने हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पंखे से लटकाने की कोशिश की, लेकिन जल्दबाजी के कारण वह ऐसा नहीं कर सका। कमरे के बाहर सीसीटीवी कैमरा देखकर वह पकड़े जाने के डर से कैमरे की डीवीआर उखाड़कर अपने साथ ले गया। इसके बाद दोनों आईएसबीटी से बस पकड़कर सहारनपुर फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार मुख्य अभियुक्त जैकी उर्फ राजन (उम्र 36 वर्ष) पुत्र शिवलाल, निवासी ग्राम उमाही कलां, थाना रामपुर मनिहारान, जिला सहारनपुर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। उस पर शामली, सहारनपुर और पश्चिमी यूपी के विभिन्न जिलों में लूट, रंगदारी, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराधों के 21 से अधिक मामले दर्ज हैं।
देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कुशल नेतृत्व में दून पुलिस को ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजपुर थाना पुलिस ने करीब एक साल पहले जाखन में हुई अजय बटेजा की अंधी हत्या (ब्लाइंड मर्डर) का पर्वाफाश करते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात शार्प शूटर और सुपारी किलर राजन उर्फ जैकी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि मृतक के सौतेले भाई ने ही करोड़ों की प्रॉपर्टी के विवाद में जैकी को भाई की हत्या की सुपारी दी थी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए शूटर ने अपनी प्रेमिका का सहारा लिया था।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त जैकी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जैकी ने बताया कि मृतक अजय बटेजा शराब पीने का आदी था और उसके पास देहरादून व मसूरी में कई कीमती संपत्तियां थीं। अजय के सौतेले भाई अमित बटेजा को मलाल था कि इन संपत्तियों में उसके पिता का पैसा भी लगा है, लेकिन अजय उसे हिस्सा न देकर सारा पैसा अय्याशी में उड़ा रहा है। अमित ने जैकी को रास्ते से हटाने के एवज में जाखन स्थित प्रॉपर्टी का आधा हिस्सा देने और सहारनपुर के एक गोलीकांड से नाम हटवाने का सौदा किया, जिस पर जैकी हत्या के लिए तैयार हो गया।योजना के मुताबिक, 25 मई 2025 को जैकी अपनी प्रेमिका हुमेरा उर्फ जोया, अमित बटेजा और एक अन्य साथी के साथ देहरादून आया। ये सब जाखन स्थित अजय बटेजा के घर पर रुके। रात में अमित अपने साथी को बहाने से बाहर ले गया। घर के अंदर जैकी ने अपनी प्रेमिका जोया की मदद से अजय को अत्यधिक शराब पिलाई। जब अजय पूरी तरह नशे में धुत्त हो गया, तो जैकी ने तकिये से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी।
शातिर जैकी ने हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पंखे से लटकाने की कोशिश की, लेकिन जल्दबाजी के कारण वह ऐसा नहीं कर सका। कमरे के बाहर सीसीटीवी कैमरा देखकर वह पकड़े जाने के डर से कैमरे की डीवीआर उखाड़कर अपने साथ ले गया। इसके बाद दोनों आईएसबीटी से बस पकड़कर सहारनपुर फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार मुख्य अभियुक्त जैकी उर्फ राजन (उम्र 36 वर्ष) पुत्र शिवलाल, निवासी ग्राम उमाही कलां, थाना रामपुर मनिहारान, जिला सहारनपुर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। उस पर शामली, सहारनपुर और पश्चिमी यूपी के विभिन्न जिलों में लूट, रंगदारी, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराधों के 21 से अधिक मामले दर्ज हैं।

