टिहरी झील में टला बड़ा हादसा – आंधी- तूफान से फ्लोटिंग हटमेंट को पहुंचा नुकसान , , 30 पर्यटक बीच पानी में फंसे, एसडीआरएफ ने सुरक्षित बचाया
एसडीआरएफ ने देवदूत बनकर चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
टिहरी गढ़वाल/ देहरादून। उत्तराखंड के टिहरी झील में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। डोबरा-चांठी पुल के पास अचानक आए भीषण आंधी-तूफान ने झील में बने ‘फ्लोटिंग हटमेंट’ (तैरते हुए कमरे) को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे वहां मौजूद 30 पर्यटक बीच पानी में फंस गए। मध्य प्रदेश के जबलपुर में हाल ही में हुए क्रूज हादसे की यादें ताजा करते हुए, इस घटना ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। हालांकि, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल ( एसडीआरएफ) की तत्परता ने पर्यटकों को काल के मुंह से खींच लिया।
आपदा कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही कोटी कॉलोनी पोस्ट से उप-निरीक्षक नरेंद्र राणा के नेतृत्व में एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। वहां स्थिति गंभीर थी; तेज हवाओं के कारण हटमेंट उखड़ चुके थे और पर्यटक सुरक्षित ठिकाने के लिए जूझ रहे थे। SDRF कमांडेंट अर्पण यदुवंशी ने बताया कि टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और पर्यटन विभाग की बोट की मदद से सभी 30 पर्यटकों को सुरक्षित कोटी कॉलोनी पहुंचाया। उनकी त्वरित कार्रवाई ने किसी भी प्रकार की जनहानि को होने से रोक दिया।
मौसम विभाग का ‘ऑरेंज अलर्ट’
टिहरी की यह घटना राज्य में चल रहे अस्थिर मौसम का हिस्सा है। भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव में भी मूसलाधार बारिश ने खेतों को जलमग्न कर दिया है। इस आपदा को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, विनोद कुमार सुमन ने जिलाधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।
उन्होंने बताया कि मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार के लिए राज्य के कई जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, ओलावृष्टि और भारी बारिश की संभावना है।
चारधाम यात्रियों के लिए गाइडलाइन
मौसम के मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता पर रखा है। सचिव सुमन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि खराब मौसम के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन पूरी तरह मौसम के अनुकूल ही किया जाए। प्रतिकूल परिस्थितियों में सुरक्षा से कोई समझौता न करते हुए उड़ानें स्थगित रखने का आदेश दिया गया है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि अगले 48 घंटों के लिए जारी मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

