उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट का निधन, सीएम धामी ने जताया दुख
बुधवार को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर होगा अंतिम संस्कार
1990 के दशक में राज्य आंदोलन का प्रमुख चेहरा बने थे दिवाकर
देहरादून। फील्ड मार्शल के नाम से मशहूर उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे दिवाकर भट्ट का निधन हो गया। लंबी बिमारी के बाद उन्होंने हरिद्वार में अपने आवास पर शाम 4.30 बजे अंतिम सांस ली वे पिछले कुछ दिनों से देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में भर्ती थे, 26 नवंबर को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार होगा।
दिवाकर भट्ट उत्तराखंड क्रांति दल के संस्थापक सदस्यों में से एक थे, जो राज्य आंदोलन के अग्रणी नेता के रूप में शामिल रहे। उन्हें अक्सर फील्ड मार्शल के नाम से जाना जाता था, उनका जन्म साल 1946 में हुआ था, वे युवावस्था से ही उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में सक्रिय रहे। साल 1980-90 के दशक में राज्य आंदोलन के प्रमुख चेहरा बने। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों की उपेक्षा, पर्यावरण संरक्षण के अलावा अलग राज्य की मांग को मजबूती दी। साल 2002 में दिवाकर भट्ट यूकेडी के टिकट से देवप्रयाग विधानसभा सीट से चुनाव लड़े, मगर हार गए, इसके बाद 2007 में यूकेडी से ही विधानसभा चुनाव लड़कर विधायक बने। साल 2007-2012 के दौरान भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। शहरी विकास जैसे अहम विभाग संभाले। साल 2017 में यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष चुने गए, पार्टी में गुटबाजी के कारण वे भाजपा में शामिल हुए, मगर साल 2022 में वापस यूकेडी में लौट आए।
साल 2012 व 2017 में चुनाव लड़े, मगर हार का सामना करना पड़ा। वहीं, साल 2022 का चुनाव उन्होंने यूकेडी की तरफ से लड़ा, लेकिन हार गए।
मुख्यमंत्री ने पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर जताया शोक
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से पुण्यात्मा को श्री चरणों में स्थान देने तथा शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि दिवाकर भट्ट के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है, राज्य निर्माण आंदोलन से लेकर जन सेवा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्य सदैव अविस्मरणीय रहेंगे।

